तेज इंडिया TV News 24
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देश में सरकारी दस्तावेज़ों और राजस्व विभाग की भाषा को लेकर अब एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजस्व विभाग ने फ़ैसला लिया है कि अब भूमि अभिलेख, खतौनी, और सरकारी रेकॉर्ड में अरबी और फ़ारसी भाषा से जुड़े कठिन शब्दों को हटाया जाएगा।
दरअसल, लंबे समय से ज़मीन से जुड़ी सरकारी फाइलों और दस्तावेज़ों में ऐसे कई शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे जो न तो आम नागरिकों के लिए समझने योग्य थे और न ही नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक। इनमें ‘खलियान’, ‘मलिकाना हक़’, ‘मुजाहिरा’, ‘खसरा’, ‘फरजंद’, ‘खातून’, जैसे कई अरबी और फ़ारसी शब्द शामिल हैं।
अब राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन शब्दों की जगह सरल और सहज हिंदी शब्दों का प्रयोग किया जाएगा, ताकि जनता आसानी से दस्तावेज़ों को समझ सके। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और आमजन की सुविधा के लिए उठाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में पुराने दस्तावेज़ों का अनुवाद और डिजिटलीकरण किया जाएगा, जबकि आगे चलकर सभी नए दस्तावेज़ों में संशोधित शब्दावली का उपयोग किया जाएगा।
राजस्व विभाग का मानना है कि यह निर्णय न केवल सरकारी कामकाज को सरल बनाएगा, बल्कि ‘भाषाई एकरूपता’ की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा।
वहीं, भाषाविदों और समाजशास्त्रियों का कहना है कि यह पहल भारतीय भाषाओं को उनकी जड़ों से जोड़ने और प्रशासनिक प्रणाली को जनसुलभ बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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रिपोर्ट — क्रिष्ण प्रताप त्रिपाठी, ब्यूरो हेड, उत्तर प्रदेश (TIT News)







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