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तेज इंडिया TV News 24
एंकर – अनीता सिंह , लखनऊ

फायर सर्विस विभाग में 922 पदों पर भर्ती, लेकिन महिलाओं के लिए नहीं खुला रास्ता
लखनऊ। प्रदेश में पुलिस और सुरक्षा से जुड़ी एक अहम इकाई अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग में कुल 922 नए पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि इस भर्ती में महिलाओं के लिए कोई अवसर नहीं रखा गया है। यानी इन सभी पदों पर केवल पुरुष उम्मीदवार ही पात्र होंगे।
यह स्थिति उस समय और भी चौंकाने वाली हो जाती है जब राज्य की पुलिस, पीएसी, जेल प्रशासन और अन्य सुरक्षात्मक विभागों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। बावजूद इसके, फायर सर्विस जैसे महत्वपूर्ण विभाग में आज भी ब्रिटिश कालीन नियमों का हवाला देकर महिलाओं की भर्ती को दरकिनार किया जा रहा है।
अंग्रेजों के समय का कानून बना बाधा
सूत्रों के अनुसार, फायर सर्विस विभाग में महिलाओं की नियुक्ति पर रोक का आधार वही पुराना ‘फायरमैन सर्विस एक्ट’ है, जो ब्रिटिश शासन काल में बनाया गया था। इस अधिनियम में “फायरमैन” शब्द का ही उल्लेख है, जिसके कारण फायरमैन पद को पुरुषों तक ही सीमित कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने इस एक्ट में अब तक कोई संशोधन नहीं किया है, जबकि अन्य कई राज्यों ने अपने यहां महिलाओं की भर्ती की अनुमति देकर इस दिशा में समान अवसर नीति को अपनाया है।
अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग के पुनर्गठन से नए पद सृजित
विभाग के पुनर्गठन के बाद कुल 922 पदों का सृजन किया गया है। इन पदों में से कुछ प्रमुख पद इस प्रकार हैं:
पद का नाम
पदों की संख्या
अग्निशमन अधिकारी
14
अग्निशमन द्वितीय अधिकारी
46
लीडिंग फायरमैन
144
फायर सर्विस चालक
438
फायरमैन
75
लीडिंग फायरमैन (ड्राइवर)
61
इन पदों के माध्यम से प्रदेश की फायर सर्विस को अधिक आधुनिक, त्वरित और प्रशिक्षित बनाया जाएगा।
महिलाओं की भागीदारी पर सवाल
विभिन्न सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब महिलाएं सेना, पुलिस, दमकल और अन्य जोखिम भरे क्षेत्रों में बेझिझक काम कर रही हैं, तो फायर सर्विस में उन्हें बाहर रखना पूरी तरह भेदभावपूर्ण है।
महिला संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह पुराने कानूनों में संशोधन कर महिलाओं को भी फायर सर्विस में भर्ती का अवसर प्रदान करे।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह उम्मीद की जा रही है कि बढ़ते विरोध के बाद महिलाओं के लिए फायर सर्विस में भर्ती का रास्ता जल्द खोला जा सकता है।
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📍 रिपोर्ट – कृष्ण प्रताप त्रिपाठी, लखनऊ







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