
🎙️ तेज इण्डिया TV News 24
रिपोर्टर – कृष्ण प्रताप त्रिपाठी | CMD Desk
बॉलीवुड, मुंबई

77 साल बाद भी रूह कंपा देता है लता मंगेशकर का यह अमर गीत
मुंबई।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ गीत ऐसे हैं जो समय की सीमाओं को पार कर अमर हो जाते हैं। स्वर कोकिला लता मंगेशकर द्वारा वर्ष 1949 में गाया गया फिल्म “महल” का गीत “आएगा आने वाला” आज भी श्रोताओं के दिलों में वही रोमांच और रहस्य पैदा करता है, जो इसके रिलीज के समय महसूस किया गया था।

यह गीत केवल एक गाना नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास का ऐसा अध्याय है जिसने लता मंगेशकर को “सुर सम्राज्ञी” के रूप में स्थापित कर दिया।

बिना आधुनिक तकनीक के रचा गया था जादू
आज के डिजिटल युग में जहां एक क्लिक पर सैकड़ों साउंड इफेक्ट्स उपलब्ध हैं, वहीं 77 वर्ष पहले इस गीत में भूतिया और रहस्यमयी एहसास पैदा करने के लिए एक अनोखा प्रयोग किया गया था।

बताया जाता है कि फिल्म के निर्देशक कमाल अमरोही और संगीतकार खेमचंद प्रकाश चाहते थे कि गीत सुनने वाले को ऐसा महसूस हो कि कोई अदृश्य साया दूर से गाते हुए धीरे-धीरे पास आ रहा है। इसके लिए रिकॉर्डिंग स्टूडियो के बीचों-बीच एक माइक्रोफोन रखा गया और लता मंगेशकर को उससे लगभग 25 फीट दूर खड़ा किया गया।

गीत की शुरुआती पंक्तियां गाते हुए लता जी धीरे-धीरे माइक की ओर बढ़ती रहीं। जैसे-जैसे उनकी दूरी कम होती गई, आवाज स्पष्ट और तेज होती गई। उस दौर में बिना किसी आधुनिक तकनीक के पैदा किया गया यह प्रभाव दर्शकों के लिए बिल्कुल नया और रोमांचकारी था।

थिएटरों में छा गया था रहस्य और रोमांच
जब फिल्म “महल” सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई और यह गीत पर्दे पर बजा, तो दर्शक इसकी रहस्यमयी प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हो गए। कई लोगों ने इसे डरावना तो कई ने अलौकिक अनुभव बताया। यही वजह रही कि यह गीत उस दौर का सबसे चर्चित और लोकप्रिय गीत बन गया।

9 लाख की फिल्म, करोड़ों की कमाई
अशोक कुमार और मधुबाला अभिनीत फिल्म “महल” लगभग 9 लाख रुपये के बजट में बनी थी, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपये की शानदार कमाई की। फिल्म की सफलता में “आएगा आने वाला” गीत की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

आज भी कायम है गीत का जादू
सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद “आएगा आने वाला” भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित गीतों में गिना जाता है। संगीत प्रेमियों और नई पीढ़ी के श्रोताओं के बीच भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है।
यह गीत केवल एक फिल्मी गीत नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की विरासत है, जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची कला समय के साथ और अधिक अमर होती जाती है।

🎤 कैमरे के साथ कृष्ण प्रताप त्रिपाठी
तेज इण्डिया TV News 24 CMD Desk | मुंबई







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