
तेज इंडिया TV News 24
रिपोर्टर – हेमराज सिंह | लखनऊ, उत्तर प्रदेश

बसंत पंचमी: ज्ञान, संगीत और नवचेतना का पावन पर्व
देशभर में आज बसंत पंचमी का पर्व पूरे श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन विद्या, वाणी और संगीत की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती को समर्पित होता है। मंदिरों, विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर माँ सरस्वती से ज्ञान, विवेक और सृजनशीलता का आशीर्वाद मांगा।
उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सुबह से ही सरस्वती वंदना, हवन और पुष्पांजलि के कार्यक्रम आयोजित हुए। लखनऊ के प्राचीन मंदिरों और शिक्षण संस्थानों में बच्चों से लेकर युवाओं तक में खास उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर विद्यारंभ संस्कार भी संपन्न कराया गया, जिसमें नन्हे बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ऋतुराज बसंत का आगमन होता है, जो प्रकृति में नई ऊर्जा और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। खेतों में सरसों की पीली फसल, आम के बौर और खिलते फूल इस पर्व के आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व को और भी गहरा कर देते हैं।
संत-महात्माओं और धर्माचार्यों का कहना है कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और आत्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश है। यह दिन हमें अज्ञान के अंधकार से निकलकर प्रकाश और सद्बुद्धि के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
तेज इंडिया TV News 24 के लिए
हेमराज सिंह, लखनऊ







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