चार आरोपी गिरफ्तार, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप!
🛑 Big Breaking News – तेज़ इंडिया TV News 24
📍 स्थान – आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश
📰 रिपोर्टर – कृष्णा प्रताप त्रिपाठी
🪶 UP ब्यूरो हेड (TIT)
💥 पत्नी के हत्यारे ने जेल अधीक्षक के खाते से उड़ाए 30 लाख रुपये!
चार आरोपी गिरफ्तार, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप!
आज़मगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे पुलिस और जेल महकमे को हिला कर रख दिया है। पत्नी की हत्या के मामले में जेल भेजा गया एक बंदी, रिहा होने के बाद जेल के ही सरकारी बैंक खाते से तीस लाख रुपये उड़ा ले गया — और किसी को खबर तक नहीं लगी!
📌 पूरा मामला विस्तार से:
जानकारी के अनुसार रामजीत यादव उर्फ संजय, निवासी ग्राम जमुआ शाहगढ़, थाना बिलरियागंज (आज़मगढ़), को 24 फरवरी 2023 को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में मंडलीय कारागार, आज़मगढ़ में बंद किया गया था।
करीब एक साल बाद 20 मई 2024 को रामजीत को अदालत से जमानत मिल गई।
लेकिन रिहाई से पहले उसने जेल के सरकारी खाते (केनरा बैंक) की चेकबुक चुरा ली, जो जेल अधीक्षक के नियंत्रण में रहती है।
इसके बाद इस अपराधी ने ऐसा खेल खेला कि पूरे जेल प्रशासन की नींद उड़ गई।
जेल से बाहर आने के बाद रामजीत ने खुद को जेल का ठेकेदार बताते हुए अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर चेक जमा करना शुरू कर दिया।
21 मई 2024 को पहली बार उसने 10 हजार रुपये, अगले दिन 50 हजार, फिर कुछ दिन बाद 1 लाख 40 हजार रुपये, और इस तरह करीब 16 महीनों तक छोटे-छोटे हिस्सों में रकम निकालता रहा।
22 सितंबर 2025 को जब उसने एक साथ 2 लाख 60 हजार रुपये और निकाले, तब जाकर जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह को शक हुआ।
🔍 खुलासा कैसे हुआ:
अधीक्षक ने वरिष्ठ लेखा प्रभारी मुशीर अहमद से पूछताछ की तो उन्होंने किसी निकासी से इंकार कर दिया।
इसके बाद जब बैंक का स्टेटमेंट निकलवाया गया, तो सामने आया कि पिछले डेढ़ साल से खाते से लगातार रकम निकल रही थी।
जांच में पाया गया कि यह सारा खेल रामजीत यादव ने कुछ अंदरूनी सहयोगियों की मदद से किया था।
इसमें जेल कर्मचारी भी लापरवाही के दोषी पाए गए।
🚨 आरोपी और कार्रवाई:
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है —
1️⃣ रामजीत यादव उर्फ संजय (मुख्य आरोपी, पत्नी हत्या केस से जमानत पर)
2️⃣ शिवशंकर उर्फ गोरख (पिता लालजीत यादव)
3️⃣ मुशीर अहमद (वरिष्ठ सहायक, जेल प्रशासन)
4️⃣ अवधेश कुमार पांडेय (चौकीदार)
👮♂️ पुलिस का बयान:
एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया —
“जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी रामजीत यादव ने जेल अधीक्षक की चेकबुक चोरी कर फर्जी हस्ताक्षर से कई बार रकम निकाली है।
प्रारंभिक जांच में जेल के कुछ कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।”
⚡ बड़ा सवाल:
👉 जेल जैसी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आरोपी ने कैसे चेकबुक चुरा ली?
👉 इतने महीनों तक किसी अधिकारी को खाते से निकासी का पता क्यों नहीं चला?
👉 क्या इस खेल में और भी बड़े अधिकारी शामिल हैं?
📺 तेज़ इंडिया TV News 24 लगातार इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है।
जुड़े रहिए हमारे साथ, क्योंकि हम सच को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
तेज़ इंडिया TV News 24
Reporter – Krishna Pratap Tripathi
UP Bureau Head (TIT)







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