
तेज इंडिया TV News 24
रिपोर्ट: कृष्णा प्रताप त्रिपाठी
बुखार के बाद 43 हुए दिव्यांग, 14 माह से 22 वर्ष तक के बच्चे-युवा प्रभावित
गाज़ीपुर के 11 गांवों में फैली रहस्यमयी बीमारी, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
गाज़ीपुर (यूपी)। जनपद के तीन ब्लॉकों के 11 गांवों में फैली एक रहस्यमयी बीमारी ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। बुखार आने के बाद बच्चों और युवाओं को झटके लग रहे हैं और धीरे-धीरे वे दिव्यांगता का शिकार हो रहे हैं। अब तक 43 बच्चे व युवा प्रभावित पाए गए हैं, जिनकी उम्र 14 माह से लेकर 22 वर्ष तक बताई जा रही है।

स्थिति इतनी भयावह है कि कई पीड़ित बच्चे मानसिक रूप से कमजोर हो गए हैं। कुछ घरों में हालात यह हैं कि माता-पिता बच्चों को रस्सी से बांधकर रखने को मजबूर हैं, ताकि झटकों के दौरान वे खुद को नुकसान न पहुंचा सकें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभावित गांव मनिहारी, देवकली, सैदपुर और सादात ब्लॉक क्षेत्रों में स्थित हैं। छह गांवों की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए जांच शिविरों में प्राथमिक उपचार तो हुआ, लेकिन बीमारी के ठोस कारणों का अब तक पता नहीं चल सका।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने गांवों में कैंप लगाकर जांच की और जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों की टीम द्वारा विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह बीमारी करीब तीन महीने से फैल रही है, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। कुछ बच्चों को पीजीआई व अन्य बड़े अस्पतालों में दिखाया गया, लेकिन कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि आखिर किस बीमारी ने बच्चों का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया? क्या यह किसी वायरल संक्रमण, कुपोषण, जहरीले तत्व या पर्यावरणीय कारण से जुड़ा मामला है?
अब पूरे जनपद की नजरें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं—
क्या पीड़ित परिवारों को न्याय और बच्चों को सही इलाज मिल पाएगा?

तेज इंडिया TV News 24 इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।







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