
तेज इंडिया TV News 24 | विशेष रिपोर्ट
Reporter: Krishna Pratap Tripathi
पूर्वांचल विश्वविद्यालय की बड़ी शैक्षणिक चूक उजागर
M.A. या M.A ? परीक्षा प्रश्नपत्र ने खड़े किए सवाल
जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एक बार फिर अपने परीक्षा तंत्र को लेकर सवालों के घेरे में है। वर्ष 2025 की M.A./M.Sc. (पिछला, सप्तम सेमेस्टर) की परीक्षा में जारी भूगोल (Geomorphology) विषय के प्रश्नपत्र में एक गंभीर शैक्षणिक और व्याकरणिक त्रुटि सामने आई है।

मामला क्या है?
परीक्षा के दौरान एक कक्ष परीक्षक ने परीक्षार्थी को यह कहते हुए टोका कि सही रूप M.A. होता है, M.A नहीं। इस पर परीक्षार्थी ने विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रश्नपत्र दिखा दिया, जिसमें शीर्षक पर स्पष्ट रूप से लिखा है—
“M.A/ M.Sc. Previous (VII Semester) Examination, 2025”
यानी विश्वविद्यालय ने स्वयं M.A. के बाद डॉट (.) का प्रयोग नहीं किया, जबकि शिक्षक सही व्याकरणिक नियम के अनुसार M.A. (Master of Arts) को मानक रूप बता रहे थे।
इस स्थिति में शिक्षक की दलील कमजोर पड़ गई और पूरा मामला विश्वविद्यालय की गलती की ओर इशारा करने लगा।
शैक्षणिक मानक पर सवाल

विशेषज्ञों के अनुसार—
M.A. एक संक्षिप्त रूप (Abbreviation) है
इसका पूर्ण रूप Master of Arts है
मानक शैक्षणिक लेखन, डिग्री, अंकपत्र और विश्वविद्यालयी दस्तावेज़ों में M.A. (डॉट सहित) ही स्वीकार्य है
ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा बिना डॉट के M.A लिखना न सिर्फ गैर-मानक है, बल्कि छात्रों और शिक्षकों दोनों को भ्रमित करने वाला भी है।
छात्रों पर पड़ रहा असर
इस तरह की लापरवाही का सीधा असर—
परीक्षा कक्ष में अनावश्यक बहस
छात्रों का मनोबल गिरना
शिक्षकों की विश्वसनीयता पर प्रश्न
और विश्वविद्यालय की अकादमिक छवि को नुकसान

सवाल यह है…
क्या प्रश्नपत्र बिना प्रूफरीडिंग के छापे जा रहे हैं?
क्या विश्वविद्यालय अपने ही पाठ्य और व्याकरणिक मानकों से अनजान है?
गलती शिक्षक की मानी जाए या विश्वविद्यालय की?
तेज इंडिया TV News 24 की मांग
पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि—
इस त्रुटि को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे
भविष्य में प्रश्नपत्रों की भाषायी और शैक्षणिक जाँच सुनिश्चित करे और छात्रों को ऐसी असहज परिस्थितियों से बचाए।
यह मामला सिर्फ एक डॉट का नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की अकादमिक गंभीरता का है।

📌 तेज इंडिया TV News 24 इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश करेगा।
— Reporter: Krishna Pratap Tripathi
Tez India TV News 24







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