
🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल 🚨
“राजनीति छोड़ दूंगा… अगर बदला नहीं लिया”
करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद भावुक और आक्रोशित दिखे Suvendu Adhikari

Reporter Krishna Pratap Tripathi CMD Desk, पश्चिम बंगाल।

West Bengal की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे Suvendu Adhikari अपने सबसे करीबी सहयोगी Chandranath Rath की हत्या के बाद गहरे भावुक और बेहद आक्रोशित दिखाई दिए।
चंद्रनाथ रथ के परिजनों से मुलाकात के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने भावुक स्वर में कहा—
“राजनीति छोड़ दूंगा…
हिंदू मत कहना मुझे,
अगर बदला नहीं लिया…”

इसके बाद उनका गुस्सा और भी स्पष्ट दिखाई दिया जब उन्होंने कहा—
“नामो-निशान मिटा दूंगा…”
और फिर प्रधानमंत्री Narendra Modi का उल्लेख करते हुए बोले—
“मोदी का शिष्य हूं मैं…
मोदी का बच्चा हूं…”
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
Chandranath Rath सिर्फ निजी सहायक (PA) नहीं थे, बल्कि सुवेंदु अधिकारी की राजनीतिक रणनीति, संगठन और जमीनी नेटवर्क के सबसे भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते थे। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ और सक्रिय भूमिका के कारण वे लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी की टीम का अहम हिस्सा माने जाते थे।
उनकी हत्या ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी रोष पैदा कर दिया है।

बंगाल की राजनीति में बढ़ता तनाव
इस घटना के बाद West Bengal में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने इसे “राजनीतिक हिंसा” का परिणाम बताया है, जबकि विपक्षी दलों पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल हत्या की जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह बंगाल की राजनीति का बड़ा चुनावी और भावनात्मक मुद्दा बन सकता है।
भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
घटना के बाद कई इलाकों में भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार—
सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं।
राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका पर भी चर्चा तेज है।
राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक संदेश या खुली चेतावनी?
सुवेंदु अधिकारी के बयान को राजनीतिक हलकों में सिर्फ भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश और चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। उनके “नामो-निशान मिटा दूंगा” जैसे शब्द अब बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ चुके हैं।

🎙️ तेज इण्डिया TV News 24
CMD Desk | विशेष राजनीतिक रिपोर्ट
📍 West Bengal







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