
🎤 तेज इण्डिया TV News 24
रिपोर्टर – कृष्ण प्रताप त्रिपाठी | CMD Desk
पटना, बिहार

भोजपुर एनकाउंटर पर सियासी बवाल, अपनी ही सरकार पर उठे सवाल
बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के साथ-साथ अब सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने इस मामले को “लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली घटना” बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो पुलिस द्वारा गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

अश्विनी चौबे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले का संज्ञान लेने तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से भी आग्रह किया है कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कानून का राज तभी स्थापित हो सकता है जब आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्ति के साथ भी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
वहीं बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस को कार्रवाई से पहले सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पूरी जानकारी लेनी चाहिए थी। उन्होंने कानून सम्मत प्रक्रिया के पालन पर जोर दिया।

इधर जन सुराज से जुड़े नेता किशोर कुमार ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं और ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
भोजपुर एनकाउंटर अब केवल एक पुलिस कार्रवाई का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून व्यवस्था, मानवाधिकार और पुलिस की जवाबदेही को लेकर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

कैमरामैन के साथ मैं कृष्ण प्रताप त्रिपाठी, तेज इण्डिया TV News 24, पटना, बिहार।







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