अयोध्या में आज 16/12/2025 को होगा वेदांती का अंतिम संस्कार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल
तेज इंडिया TV News 24
रिपोर्टर : कृष्णा प्रताप त्रिपाठी
अयोध्या/रीवा।
राम मंदिर आंदोलन के प्रखर नेता, संत समाज की प्रभावशाली हस्ती एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार आज पवित्र नगरी अयोध्या में पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। अंतिम संस्कार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई संत-महंत, राजनीतिक नेता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा के अनुसार डॉ. रामविलास दास वेदांती 10 दिसंबर से रीवा जिले के भटवा गांव में श्रीराम कथा का वाचन कर रहे थे। कथा का समापन 17 दिसंबर को होना था, लेकिन शनिवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने सेप्टीसीमिया संक्रमण की पुष्टि की, जिसके बाद उन्हें हृदयाघात हुआ और उनका निधन हो गया।
उनके शिष्य एवं उत्तराधिकारी डॉ. राघवेद्र दास के अनुसार सोमवार सुबह लगभग 10 बजे अयोध्या में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन आध्यात्मिक जगत और सनातन धर्म के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म, समाज और राष्ट्र सेवा को समर्पित उनका जीवन सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
73 वर्षीय डॉ. वेदांती का राम मंदिर आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान रहा है। वे आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में शामिल रहे और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के सदस्य के रूप में अनेक अहम निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाई। आंदोलन की सफलता के पीछे उनकी वैचारिक दृढ़ता और संगठन क्षमता को विशेष रूप से याद किया जाता है।
डॉ. रामविलास दास वेदांती को यह धार्मिक विरासत अपने गुरु अभिरामदास से मिली थी। अभिरामदास वही संत थे, जिनकी 22 दिसंबर 1949 की रात श्रीराम जन्मभूमि पर रामलला के प्राकट्य प्रसंग में केंद्रीय भूमिका मानी जाती है।
राजनीतिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। वर्ष 1998 में वे भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। 1991 की रामलहर के दौरान वे भाजपा के स्टार प्रचारक रहे। वर्ष 1996 में भाजपा नेतृत्व ने उन्हें मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था। बाबरी ढांचा विध्वंस मामले में प्रमुख आरोपियों में भी उनका नाम शामिल रहा।
डॉ. वेदांती के निधन से संत समाज, रामभक्तों और उनके अनुयायियों में गहरा शोक व्याप्त है। अयोध्या में आज होने वाला उनका अंतिम संस्कार एक युग के समापन का प्रतीक माना जा रहा है।







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