
तेज इण्डिया TV News 24
रिपोर्टर – Krishna Pratap Tripathi | CMD Desk
स्थान – सरायमीर, आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)

दिल दहला देने वाली वारदात: मां ने तीन मासूम बच्चों संग पोखरी में लगाई छलांग, दो मासूम बेटों की मौत, बेटी ने बचाई अपनी जान

आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में हुई इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, एक 26 वर्षीय महिला अपने तीन बच्चों को दवा दिलाने का बहाना बनाकर घर से निकली। बाद में वह सरायमीर बाजार के पास स्थित एक पोखरी तक पहुंची, जहां उसने कथित तौर पर तीनों बच्चों को अपनी साड़ी से बांधा और पानी में छलांग लगा दी। इस घटना में उसके दो मासूम बेटों की डूबने से मौत हो गई, जबकि लगभग 7–8 वर्षीय बेटी किसी तरह बंधन से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही। स्थानीय लोगों ने महिला को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। �

दो मासूमों की मौत से गांव में मातम
घटना में मृत बच्चों की मासूम उम्र ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके कारण यह दर्दनाक कदम उठाया गया।
बेटी बनी सबसे बड़ी गवाह
घटना के दौरान बड़ी बेटी ने साहस दिखाते हुए खुद को साड़ी से छुड़ाया और गांव पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। उसकी सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया। �

पारिवारिक विवाद की आशंका, पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद या घरेलू तनाव से जुड़ा प्रतीत होता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है और परिजनों से पूछताछ जारी है। �

मानवता को झकझोर देने वाली घटना
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। यदि कोई व्यक्ति मानसिक, पारिवारिक या सामाजिक संकट से गुजर रहा हो, तो समय रहते परिवार, समाज और संबंधित संस्थाओं की सहायता लेना अत्यंत आवश्यक है। ऐसी घटनाएं कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ देती हैं।

Tez India TV News 24 की अपील
यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा। पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। �







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