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रिपोर्टर: Krishna Pratap Tripathi
CMD DESK
स्थान: हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे प्रदेश में तबाही मचा दी है। भूस्खलन, बाढ़ और पहाड़ों से गिरते पत्थरों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मानसून के इस कहर में अब तक 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, कई लोग घायल हैं और 120 से अधिक सड़कें बंद होने से हजारों लोग प्रभावित हैं। कई इलाकों में नदियां उफान पर हैं, बांधों के गेट खोल दिए गए हैं और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून अब आफत बन चुका है। लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों में तबाही मचा दी है। सोलन, सिरमौर और शिमला में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़क धंसने और नदियों के उफान पर आने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

मानसूनी सीजन में अब तक अलग-अलग हादसों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल्लू के आनी क्षेत्र में पहाड़ी से गिरा पत्थर एक बुजुर्ग के सिर पर लगा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बकरियां चराने गए एक व्यक्ति की गहरी खाई में गिरने से जान चली गई। पांवटा साहिब क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी एक युवक की सांप के काटने से मौत हो गई।

सोलन जिले में चलती कार पर पहाड़ी से विशाल पत्थर गिरने से एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। मंडी जिले में पर्यटकों की कार पर भी चट्टानें गिरीं, हालांकि सभी लोग बाल-बाल बच गए।


सिरमौर जिले में यमुना, गिरि, वाता और अन्य नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गिरि जटोन बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं। कालाअंब क्षेत्र में कई कॉलोनियां, दुकानें और औद्योगिक इकाइयां पानी में डूब गई हैं। तैयार माल और मशीनों को भारी नुकसान पहुंचा है।

नाहन में महल की दीवार गिरने से करीब 40 लोग अपने घरों में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में फिर भूस्खलन हुआ है, जिससे पिछले साल की दर्दनाक त्रासदी की यादें ताजा हो गई हैं।

प्रदेशभर में 120 से अधिक सड़कें और कई संपर्क मार्ग बंद हैं। कीरतपुर-मनाली फोरलेन सहित कई प्रमुख मार्गों पर मलबा गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग और राहत एजेंसियां युद्ध स्तर पर सड़कें खोलने और राहत कार्य में जुटी हैं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

फिलहाल हिमाचल प्रदेश में प्रकृति का रौद्र रूप लगातार देखने को मिल रहा है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन बारिश थमने के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

कैमरामैन: — संजीव भाई
रिपोर्ट: Krishna Pratap Tripathi, CMD DESK
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