
तेज इण्डिया TV News 24
रिपोर्टर – Krishna Pratap Tripathi | CMD Desk
मेरठ, उत्तर प्रदेश

EXCLUSIVE | मेरठ की हाई-प्रोफाइल ‘मर्डर साजिश’ केस में नया मोड़, जेल में पहली बार हुई मुस्कान और दामिनी की मुलाकात
मेरठ की चर्चित हत्या साजिश से जुड़े मामले में गिरफ्तार स्कूल संचालक की पत्नी और प्रिंसिपल दामिनी को जेल भेजे जाने के बाद कई नई जानकारियां सामने आई हैं। जेल सूत्रों के अनुसार, जेल में प्रवेश के बाद दामिनी की पहली रात बेहद बेचैनी में गुजरी। मानसिक तनाव के कारण उसने खाना तक नहीं खाया और पूरी रात सो नहीं सकी। अगले दिन सुबह गिनती और नाश्ते के दौरान उसकी मुलाकात चर्चित बंदी मुस्कान से हुई, जहां दोनों के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई।

जेल की पहली रात बनी सबसे मुश्किल
जेल अधिकारियों के मुताबिक, दामिनी शुरुआती घंटों में पूरी तरह मानसिक दबाव में दिखाई दी। वह बार-बार अपने परिवार को याद करती रही और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं की। पहली रात उसने भोजन लेने से भी इनकार कर दिया, जिससे जेल प्रशासन ने उसकी विशेष निगरानी की।

सुबह मुस्कान से हुई मुलाकात, दोनों के बीच हुई बातचीत
सुबह जेल की नियमित प्रक्रिया के दौरान दामिनी की मुलाकात उसी बैरक क्षेत्र में बंद मुस्कान से हुई। दोनों ने कुछ देर सामान्य बातचीत की। हालांकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी बंदियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जेल के नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

बेटे की याद में कई बार हुई भावुक
जेल प्रशासन के अनुसार दामिनी अपने छह वर्षीय बेटे को याद कर कई बार रो पड़ी। उसने अधिकारियों से अपने माता-पिता से मुलाकात कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी भी मांगी। मानसिक तनाव कम करने के उद्देश्य से उसने जेल लाइब्रेरी से एक धार्मिक पुस्तक भी ली है, ताकि खुद को सामान्य रखने का प्रयास कर सके।
हाई-प्रोफाइल मामलों से घिरी जेल
मेरठ जेल इन दिनों कई चर्चित आपराधिक मामलों के आरोपियों के कारण चर्चा में है। आरोप है कि कोमल ने अपने बीएसएफ जवान पति नैन सिंह की हत्या की साजिश रची। दामिनी पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर स्कूल संचालक पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप है, जबकि गुरप्रीत पर अपने प्रेमी के लिए सात वर्षीय मासूम बेटे की हत्या कराने का आरोप है। इन सभी मामलों की सुनवाई फिलहाल अदालत में चल रही है और अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।

जेल प्रशासन का बयान
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अनुसार, नई जेल में आने वाले अधिकांश बंदी शुरुआती दिनों में मानसिक तनाव से गुजरते हैं। दामिनी भी धीरे-धीरे जेल के वातावरण और नियमों के अनुरूप स्वयं को ढाल रही है। उसकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जांच जारी, अदालत के फैसले का इंतजार

फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस और अभियोजन पक्ष अपने-अपने साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि या खंडन न्यायालय के निर्णय के बाद ही होगा। पूरे प्रदेश की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल केस की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।







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