
🐍 जहरीले सर्प के डसने से सात वर्षीय मासूम छात्रा की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

तेज इण्डिया TV News 24
रिपोर्टर – Krishna Pratap Tripathi
ब्यूरो चीफ, उत्तर प्रदेश

गाजीपुर। जनपद के मरदह थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पृथ्वीपुर से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहरीले सर्प के डसने से कक्षा तीन में पढ़ने वाली सात वर्षीय मासूम छात्रा शिवानी बिन्द की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गईú जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस असमय हुई मौत से स्तब्ध हैं प्रतिक्रिया

🌧️ रात में सोते समय हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार बुधवार की रात शिवानी अपने घर में परिवार के साथ सो रही थी। देर रात किसी समय जहरीले सर्प ने उसे डस लिया। शुरुआत में किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कुछ समय बाद जब मासूम की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वह बेचैन होने लगी, तब परिजनों को अनहोनी का एहसास हुआ। घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए मऊ स्थित सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।

🏥 डॉक्टरों ने किया हर संभव प्रयास, लेकिन नहीं बच सकी जान
सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने छात्रा का तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जहरीले सर्प का जहर शरीर में फैल चुका था। काफी प्रयासों के बावजूद मासूम शिवानी जिंदगी की जंग हार गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजन फूट-फूटकर रो पड़े।

😭 गांव में पसरा मातम, स्कूल में भी शोक
शिवानी स्थानीय विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थी। उसकी मासूम मुस्कान और चंचल स्वभाव को याद कर गांव के लोग भावुक हो उठे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार को ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत बालिका की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

⚠️ बरसात के मौसम में बढ़ रहा सर्पदंश का खतरा
बरसात के मौसम में खेतों और बिलों में पानी भर जाने के कारण जहरीले सांप अक्सर घरों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

🛑 सर्पदंश से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
घर और उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
झाड़ियों, कूड़े और लकड़ी के ढेर को घर के पास जमा न होने दें।
रात में जमीन पर सोने से बचें और मच्छरदानी का उपयोग करें।
टॉर्च लेकर ही अंधेरे स्थानों पर जाएं।
बच्चों को नंगे पैर बाहर न जाने दें।
सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें।
पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं, क्योंकि समय पर इलाज ही जीवन बचा सकता है।

📢 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील
ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बरसात के मौसम में गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े।

मासूम शिवानी की असमय मौत ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी सतर्कता और समय पर उपचार कई अनमोल जिंदगियां बचा सकता है।







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