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हेडलाइन:
घर के सामने पेशाब और गंदगी करने से रोकना पड़ा भारी! विरोध करने पर मारपीट, पथराव, लूट और जान से मारने की धमकियों का आरोप, पीड़ित सिख परिवार ने दर्ज कराई एफआईआर

रिपोर्ट: मुकेश जैसराज
विशेष प्रस्तुति: तेज इंडिया TV News 24

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र के पंडरीबा इलाके से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। एक सिख परिवार ने आरोप लगाया है कि घर के सामने पेशाब और गंदगी करने से रोकना उन्हें भारी पड़ गया। विरोध करने पर दबंग युवकों ने पहले गाली-गलौज की, फिर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान महिला के गले से लगभग 30 ग्राम की सोने की चेन भी छीन ली गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं।

पीड़ित गुरिकबल सिंह उर्फ रिंकू की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार यह घटना 1 जुलाई 2026 की है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार में गुरिकबल सिंह, उनकी पत्नी मनप्रीत कौर, बड़े बेटे जसकीरत सिंह और छोटे बेटे नवदीप सिंह शामिल हैं। परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने पहले घर के बाहर अभद्रता की। जब इसका विरोध किया गया तो विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट, पथराव और लूट जैसी घटना को अंजाम दिया गया।

परिवार का कहना है कि हमले के बाद भी आरोपी नहीं रुके। रात करीब चार बजे कथित रूप से उन्होंने सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली बातें कहीं और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इतना ही नहीं, सुबह करीब पांच बजे आरोपी फिर घर के आसपास चक्कर लगाते रहे, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बना रहा।

इन लोगों पर लगाए गए आरोप
पीड़ित परिवार ने ऋषान चौरसिया, मोहित कश्यप, संजय, सूरज तथा दो अन्य युवकों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है और उसके वीडियो उनके पास सुरक्षित हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
उपलब्ध एफआईआर की प्रति के अनुसार नाका हिंडोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। दस्तावेज़ों में भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं अंकित हैं, जिनमें मारपीट, आपराधिक धमकी, लूट और अन्य आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। पुलिस ने जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

अब सबसे बड़ा सवाल
यदि पीड़ित परिवार के आरोप सही हैं, तो सवाल उठता है कि आखिर राजधानी में खुलेआम इस तरह की घटना कैसे हुई? क्या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी? क्या पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी? और क्या धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा लूट के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
फिलहाल, आरोप पीड़ित परिवार की शिकायत और दर्ज एफआईआर पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

तेज इंडिया TV News 24 इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही पुलिस जांच या आरोपियों का पक्ष सामने आएगा, हम आपको सबसे पहले उससे अवगत कराएंगे।







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